न जाने कब हमारी सोच बदलेगी और कब हमारा समाज

सबका सब्र टूट गया है। क्या सब्र टूटना काफ़ी है? इस देश में सब कुछ निर्धारित है तो फिर क्यों हम बदलें। दिल्ली में उस लड़की के साथ हुए कुकृत्य ने समाज का कुसंस्कारी चेहरा हमारे सामने पेश किया है। ये कोई ऐसा पहला मामला नहीं जिसने माशूम लड़की को इत…

दिव्यांशी शर्मा

भारत का सभ्य समाज और दर्शक मीडिया

पता नहीं क्यों यह घटना बार-बार सोचने पर मजबूर कर रही है कि एक या दो नहीं बल्कि पूरे 40 लोग एक साथ कुसंगति और कुविचार से कैसे प्रेरित हो सकते है। ऐसी क्या खराबी है हमारे लोकतंत्र में जो इस तरह के कुकृत्यों वाली प्रवित्तियां समाज में इतनी तेजी से फैल …

दिव्यांशी शर्मा

आखिर कब तक अनशन का सहारा?

अनशन! अनशन! अनशन! बाबा राम देव और अन्ना हजारे ने करीब 3-3 अनशन अब तक कर दिए है लेकिन किसी का काई नतीजा सामने नहीं आया है। अब देश की जनता अनशन से उबने लगी है। कुछ लोग तो अनशन के बहाने दिल्ली घूमने आते है। एक बात है ये अनशन अब शायद आईपीएल की तर्ज पर ह…

दिव्यांशी शर्मा

क्या न्यूज चैनलों के स्टिंग से बेहतर है 'सत्यमेव जयते'

सत्यमेव जयते ! बड़े अरसे के बाद टीवी पर कुछ अच्छा देखने को मिल रहा है। इससे पहले बहुत से टीवी चैनलों ने समाज और सामाजिक हित के लिए कई रियलिटी शो पेश किए। इससे पहले स्टार पर किरण की ' आप की कचहरी ' म…

दिव्यांशी शर्मा

एक लड़की

एक लड़की जो लगती थी अनजानी सी कभी, वही मुकद्दर से तकदीर मेरे पाक रातों की,फुलों सी हंसती है, वो गाती है कोयल सी, चांद से प्यारी है वो, सूरत की है भोली, जो मैं न करता उससे प्यार, तो बोलो क्या करता,... ... अब कर लिया है प्यार, तो हालात फिर वहीं है, ब…

दिव्यांशी शर्मा

मेरे बारे में

मेरे बारे में कोई राय कायम मत करना..... मेरा वक्त बदलेगा तुम्हारी राय बदल जाएगी....

दिव्यांशी शर्मा

तुम हिंदी

भाषा से कुछ अधिक हो तुम हिंदी रौशनी जहाँ पहुंची नहीं वहां की आवाज़ हो खेत खलिहान में जो गुनगुनाती हैं फसलें पोखरों में जो नहाती हैं भैसें ऐसे जीवन की तुम संगीत हो बहरी जब हो जाती है सत्ता उसे जगाने का तुम मूल मंत्र हो भाषा से कुछ अधिक जो तुम हिं…

दिव्यांशी शर्मा

कैसा राम राज्य आ गया है

कैसा राम राज्य आ गया है , ईस भारत में ! मानवता का धर्म खत्म हो गया ईस भारत में ! नैतिकता का पतन हो गया है ,ईस भारत में !जहा भी देखॊ सबकी अपनी मर्जी है ईस भारत में ! चोरो की भरमार पडी़ है , रिश्वत् खोरो की भरमार बडी़ है ईस भार…

दिव्यांशी शर्मा

नकारा सीएम, निकम्मी सरकार

हरियाणा में जाट समुदाय सरकारी नौकरियों को लेकर पिछले 17 दिनों से पटरियों पर है। पटरियों पर बैठे जाटों की वजह से हरियाणा के ही नहीं वरन् देश के कई महत्वपूर्ण रेलमार्ग भी अवरूद्ध हुए हैं। इसके अलावा भी जाटों का बाहुल्य इलाकों में आंदोलन का व्यापक असर …

दिव्यांशी शर्मा

भगत सिंह का अंतिम पत्र

22 मार्च,1931 साथियो, स्वाभाविक है कि जीने की इच्छा मुझमें भी होनी चाहिए, मैं इसे छिपाना नहीं चाहता. लेकिन मैं एक शर्त पर जिंदा रह सकता हूँ, कि मैं क़ैद होकर या पाबंद होकर जीना नहीं चाहता. मेरा नाम हिंदुस्तानी क्रांति का प्रतीक बन चुका है औ…

दिव्यांशी शर्मा
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तुम जिन्दा हो और हमेशा जिन्दा रहोगे भगतसिंह

भारत की आजादी के इतिहास को जिन अमर शहीदों के रक्त से लिखा गया है, जिन शूरवीरों के बलिदान ने भारतीय जन-मानस को सर्वाधिक उद्वेलित किया है, जिन्होंने अपनी रणनीति से साम्राज्यवादियों को लोहे के चने चबवाए हैं, जिन्होंने परतन्त्रता की बेड़ियों को छिन्न-भिन…

दिव्यांशी शर्मा
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