जानबूझ अहसानफरामोश

शास्त्री जी का जन्म दिन या शहीदी दिवस

हां हम है ही अहसानफरामोश। हमारे खून में ही घुल गयी है यह बीमारी। हम भूलने की बीमारी से ग्रसित है। हम उन्हें भी बिसार चुके है जो देश की खातिर कुर्बान हो गए।. भारत के लाल ,सादगी की प्रतिमूर्ति, हिम्मत के धनी, जय जवान जय …

दिव्यांशी शर्मा
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